T20 World Cup 2026 से पहले क्रिकेट में बड़ा बदलाव, MCC ने पेश किए 9 नए नियम

punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 12:28 PM (IST)

नई दिल्ली : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले क्रिकेट के नियमों में बड़े बदलाव सामने आए हैं। मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने 3 फरवरी को खेल से जुड़े 9 अहम नए नियमों की जानकारी दी है, जिनका सीधा असर मैच की रणनीति, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और अंपायरिंग पर पड़ेगा। ये नियम आधिकारिक तौर पर 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे, हालांकि इनमें से कुछ बदलावों को आईसीसी पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना चुका है।

जूनियर और महिला क्रिकेट में बदली गेंद की साइज

अब महिला और जूनियर क्रिकेट में खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग साइज और वजन की गेंदों का इस्तेमाल किया जाएगा। MCC के अनुसार, गेंद अब साइज 1, साइज 2 और साइज 3 में उपलब्ध होगी। साइज 1 गेंद पुरुष क्रिकेट के लिए रहेगी, जबकि बाकी साइज महिलाओं और बच्चों के लिए होंगी। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि छोटे हाथों के लिए मौजूदा गेंदें पूरी तरह अनुकूल नहीं थीं।

लैमिनेटेड बल्लों को मिली मंजूरी

बढ़ती लागत को देखते हुए MCC ने ओपन एज क्रिकेट में लैमिनेटेड बल्लों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। इन बल्लों में लकड़ी के तीन टुकड़ों का उपयोग किया जा सकता है। परीक्षण के दौरान यह साफ हुआ कि इन बल्लों से प्रदर्शन में कोई अतिरिक्त फायदा नहीं मिलता। हालांकि इंटरनेशनल और टॉप-लेवल क्रिकेट में अब भी एक ही लकड़ी से बने बल्ले ही मान्य रहेंगे।

आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर भी जारी रहेगा खेल

अब मल्टी-डे क्रिकेट में दिन के आखिरी ओवर के दौरान विकेट गिरने पर खेल रोका नहीं जाएगा। उस ओवर की बची हुई सभी गेंदें फेंकी जाएंगी, उसके बाद ही दिन का खेल समाप्त होगा। इससे गेंदबाजी टीम को पूरा मौका मिलेगा और खेल ज्यादा निष्पक्ष माना जाएगा।

जानबूझकर अधूरा रन लेने पर सख्ती

अगर बल्लेबाज जानबूझकर अधूरा रन लेते हैं, तो अब फील्डिंग टीम यह तय कर सकेगी कि अगली गेंद पर कौन बल्लेबाज स्ट्राइक पर रहेगा। इस नियम का मकसद बल्लेबाजों को अनुचित फायदा लेने से रोकना है।

बाउंड्री लाइन पर कैच लेने का नियम बदला

बाउंड्री के पास कैच लेते समय अब फील्डर को सिर्फ एक मौका मिलेगा। वह गेंद को बार-बार हवा में उछालकर बाउंड्री के बाहर से अंदर नहीं ला सकेगा। फील्डर को या तो खुद कैच लेना होगा या एक ही बार में अपने साथी की ओर गेंद को धकेलना होगा।

ओवरथ्रो की नई परिभाषा

अगर थ्रो के बाद गेंद बिना किसी फील्डर के प्रयास के आगे निकल जाती है, तो उसे ओवरथ्रो माना जाएगा। लेकिन यदि फील्डर गेंद को रोकने की कोशिश करता है और फिर भी वह आगे जाती है, तो उसे मिसफील्ड माना जाएगा।

गेंद के ‘सैटल’ होने के नियम में बदलाव

अब गेंद का विकेटकीपर या गेंदबाज के हाथ में जाना जरूरी नहीं होगा। अगर कोई फील्डर स्थिर अवस्था में गेंद को कंट्रोल करता है, तो अंपायर उसे डेड बॉल या सैटल गेंद मान सकते हैं।

विकेटकीपर की पोजिशन पर बड़ा फैसला

अगर गेंदबाज रन-अप में है और उस समय विकेटकीपर के दस्ताने स्टंप्स के आगे हैं, तो गेंद नो-बॉल नहीं होगी। हालांकि गेंद फेंके जाने के समय कीपर का स्टंप्स के पीछे होना जरूरी रहेगा।

हिट विकेट के नियम में स्पष्टता

अगर बल्लेबाज या उसका कोई उपकरण किसी फील्डर से टकराकर स्टंप्स से लगता है, तो उसे हिट विकेट नहीं माना जाएगा। लेकिन यदि बल्लेबाज शॉट खेलते समय खुद या उसका सामान सीधे स्टंप्स से टकराता है, तो वह हिट विकेट होगा।

रन आउट और स्टंपिंग के लिए गेंद का पूरा नियंत्रण जरूरी

अब रन आउट या स्टंपिंग तभी मान्य होगी जब गेंद पूरी तरह फील्डर या विकेटकीपर के हाथ में हो। सिर्फ गेंद का छूना आउट के लिए पर्याप्त नहीं होगा।


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Content Editor

Ishtpreet Singh

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