क्या ओपनर की रेस में ईशान किशन से हारे संजू सैमसन? पूर्व क्रिकेटर ने दिया बड़ा संकेत

punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 01:25 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया में ओपनर की पोजिशन को लेकर बहस तेज हो गई है। ईशान किशन और संजू सैमसन के बीच चली आ रही इस रेस पर अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने साफ राय रख दी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मुकाबले में किशन की विस्फोटक पारी के बाद चोपड़ा ने संकेत दिए कि ओपनिंग स्लॉट लगभग तय हो चुका है। उनके बयान के बाद यह चर्चा और भी गरमा गई है कि क्या सैमसन यह जंग हार चुके हैं।

आकाश चोपड़ा का स्पष्ट फैसला 

आकाश चोपड़ा का मानना है कि ईशान किशन ने अपने हालिया प्रदर्शन से टी20 वर्ल्ड कप में ओपनर की जगह लगभग पक्की कर ली है। मैच के बाद ब्रॉडकास्टर्स से बातचीत में चोपड़ा ने कहा कि अब इस फैसले पर कोई सवाल नहीं बचता। उनके अनुसार, किशन ने मौके को जिस अंदाज में भुनाया है, उसने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को साफ संदेश दे दिया है। 

वार्म-अप मैच में किशन का तूफान 

नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए वार्म-अप मैच में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के दौरान पुष्टि की कि ईशान किशन, अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करेंगे। किशन ने इस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया। उन्होंने सिर्फ 20 गेंदों में 53 रन ठोके, जिसमें सात शानदार छक्के शामिल थे। छठे ओवर में वह रिटायर हो गए ताकि तिलक वर्मा को भी बल्लेबाजी का मौका मिल सके। 

न्यूजीलैंड सीरीज ने बदली तस्वीर 

ईशान किशन को ओपनिंग का यह मौका यूं ही नहीं मिला। न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया टी20I सीरीज में उन्होंने जबरदस्त फॉर्म दिखाई थी। किशन ने 231 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 215 रन बनाए, जिसमें तिरुवनंतपुरम में खेला गया 42 गेंदों का शतक भी शामिल रहा। इस सीरीज ने ओपनर की रेस में उन्हें निर्णायक बढ़त दिला दी।

संजू सैमसन का संघर्ष

इसके उलट, संजू सैमसन के लिए न्यूजीलैंड सीरीज बेहद निराशाजनक रही। पांच मैचों में वह सिर्फ 46 रन ही बना सके, उनका औसत 9.20 रहा और सर्वोच्च स्कोर 24 था। आकाश चोपड़ा का मानना है कि यह सीरीज सैमसन के लिए निर्णायक साबित हुई, क्योंकि बड़े टूर्नामेंट से पहले ऐसे मौके बहुत अहम होते हैं।

टीम में सैमसन की भूमिका

चोपड़ा ने यह भी कहा कि सैमसन टीम में एक ऐसे बल्लेबाज़ हो सकते हैं जिन्हें जरूरत पड़ने पर किसी भी क्रम पर उतारा जाए। अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है या फॉर्म में नहीं रहता, तो सैमसन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह भी है कि उन्हें अपनी पसंदीदा पोजिशन पर बल्लेबाज़ी का मौका मिले, इसकी गारंटी नहीं है।


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Content Writer

Sanjeev

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