IND vs NZ : अय्यर को चौथे T20I में क्यों नहीं दिया मौका?, पूर्व क्रिकेटर ने चयन पर उठाए सवाल

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 01:37 PM (IST)

स्पोर्ट्स डेस्क : भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए चौथे T20I के बाद टीम इंडिया की प्लेइंग XI को लेकर बहस तेज हो गई है। खासतौर पर चोटिल ईशान किशन की गैरमौजूदगी में श्रेयस अय्यर को मौका न दिए जाने पर पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा हैरान नजर आए। चोपड़ा का मानना है कि इस मैच में भारत का संतुलन बिगड़ गया और टीम एक अतिरिक्त बल्लेबाज की कमी से जूझती दिखी। 215 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत का 165 रन पर ऑलआउट होना इसी का सबूत माना जा रहा है।

ईशान किशन की चोट और बदला हुआ टीम कॉम्बिनेशन

चौथे T20I से पहले भारत को बड़ा झटका तब लगा जब ईशान किशन चोट के कारण बाहर हो गए। दो साल से अधिक समय बाद T20I टीम में लौटे किशन शानदार फॉर्म में थे, ऐसे में उनकी अनुपस्थिति स्वाभाविक रूप से टीम के लिए चुनौती थी। उम्मीद की जा रही थी कि उनकी जगह अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को प्लेइंग XI में शामिल किया जाएगा, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को खिलाकर सभी को चौंका दिया।

बल्लेबाजी की कमी से जूझती दिखी टीम इंडिया

इस फैसले का असर मैच में साफ नजर आया। भारत 215 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा कर रहा था, लेकिन उसके पास सातवें नंबर तक भरोसेमंद बल्लेबाज नहीं था। नतीजा यह हुआ कि दबाव बढ़ते ही विकेट गिरते चले गए और पूरी टीम 165 रन पर सिमट गई। आकाश चोपड़ा के मुताबिक, इस मुकाबले में भारत के पास एक बल्लेबाज कम था, जिसने रनचेज को और मुश्किल बना दिया।

आकाश चोपड़ा ने उठाए चयन पर सवाल

अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने टीम चयन पर खुलकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर श्रेयस अय्यर को खिलाने का इरादा नहीं था, तो उन्हें टीम में रखने का क्या मतलब था। चोपड़ा का मानना है कि जब तिलक वर्मा चोटिल हुए थे, तभी यह साफ हो गया था कि श्रेयस शुरुआती योजना का हिस्सा नहीं हैं। लेकिन ईशान किशन के बाहर होने के बाद हालात बदल गए थे और उस वक्त श्रेयस को मौका मिलना चाहिए था।

वैकल्पिक विकल्पों की कमी नहीं थी

चोपड़ा ने यह भी कहा कि अगर टीम मैनेजमेंट श्रेयस को लेकर असमंजस में थी, तो आयुष बडोनी या शाहबाज अहमद जैसे खिलाड़ियों को चुना जा सकता था। उनके मुताबिक, ऐसे कई नाम थे जिन्हें टीम में शामिल किया जा सकता था, लेकिन फिर भी श्रेयस को बेंच पर बैठाए रखना समझ से परे है।

सोशल मीडिया के दबाव से नहीं होना चाहिए फैसला

पूर्व ओपनर ने यह भी साफ किया कि अगर श्रेयस अच्छा प्रदर्शन करते और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ती, तो उससे डरने की जरूरत नहीं थी। चोपड़ा का कहना है कि टीम मैनेजमेंट को अपने प्लान पर कायम रहना चाहिए और कम से कम सात बल्लेबाजों के साथ उतरने की फिलॉसफी से समझौता नहीं करना चाहिए। उनके मुताबिक, नंबर आठ पर ऑलराउंडर होना जरूरी है, लेकिन इसके लिए बल्लेबाजी को कमजोर नहीं किया जा सकता।

“अगर नहीं खिलाना तो रिलीज कर दीजिए”

आकाश चोपड़ा ने अपनी बात को और सख्त लहजे में रखते हुए कहा कि श्रेयस अय्यर को इस तरह बेंच पर बैठाना सही नहीं है। अगर टीम मैनेजमेंट उन्हें मौका देने के मूड में नहीं है, तो बेहतर होगा कि उन्हें रिलीज कर दिया जाए ताकि वह कहीं और क्रिकेट खेल सकें। चोपड़ा के शब्दों में, श्रेयस को टीम में रखकर इस्तेमाल न करना पूरी तरह गलत फैसला है।


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Content Writer

Sanjeev

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