जोंटी रोड्स ने क्रिकेट के इस फॉर्मेट पर की भविष्यवाणी, आने वाले वर्षों में मुश्किल में पड़ सकता है
punjabkesari.in Tuesday, Aug 11, 2026 - 07:11 PM (IST)
मुंबई : दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने कहा है कि भविष्य में द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखलाओं की संख्या कम हो सकती है लेकिन 50 ओवर के प्रारूप के बिना क्रिकेट की कल्पना करना मुश्किल है। रोड्स का मानना है कि प्रारूप चाहे कोई भी हो प्रशंसक अपनी टीम का समर्थन करने के लिए मैदान पर आते रहेंगे। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि आने वाले वर्षों में 50 ओवर के क्रिकेट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
रोड्स ने मंगलवार को यहां यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) की टीम रॉटरडैम डॉकर्स की जर्सी के लॉन्च के दौरान मीडिया से कहा, 'जब टी20 क्रिकेट शुरू हुआ था तब लोग कह रहे थे कि यह टेस्ट क्रिकेट पर दबाव डालेगा और हैरानी की बात है कि ऐसा नहीं हुआ। कुछ टेस्ट मैच में भी कई बार टी20 जैसा क्रिकेट देखने को मिलता है, जिसमें आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजी होती है।'
रोड्स के सह-स्वामित्व वाली रॉटरडैम डॉकर्स ETPL के पहले सत्र में हिस्सा लेगी। टूर्नामेंट का आयोजन नीदरलैंड के वूरबर्ग और डबलिन में 26 अगस्त से 20 सितंबर तक किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि 50 ओवर का क्रिकेट शायद ऐसा प्रारूप है जो आने वाले वर्षों में मुश्किल में पड़ सकता है क्योंकि इसमें एक नया दर्शक वर्ग और खेल के प्रति अलग नजरिया देखने को मिलता है।'
रोड्स ने कहा, 'हम भाग्यशाली हैं कि 50 ओवर के क्रिकेट के पास ऐसे जुनूनी प्रशंसक हैं जो प्रारूप या संस्करण की परवाह किए बिना अपनी टीम का समर्थन करते हैं। फिलहाल मुझे लगता है कि द्विपक्षीय श्रृंखला कम होती जाएंगी लेकिन 50 ओवर के क्रिकेट के बिना क्रिकेट की कल्पना करना बहुत मुश्किल है।' रोड्स ने कहा कि दुनिया भर में टी20 लीग की बढ़ती संख्या खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपेक्षाकृत जल्दी संन्यास लेने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
उन्होंने कहा, 'हमने फीफा विश्व कप फुटबॉल में देखा है कि लोग अपने देश के लिए खेलने को लेकर कितने जुनूनी होते हैं। अक्सर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें अपने देश के लिए खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिलते। फीफा विश्व कप के साल को छोड़ दें तो ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय सितारे अपने क्लब और फ्रेंचाइजी के लिए खेलते हैं और क्रिकेट में भी ऐसा अधिक देखने को मिल सकता है।' रोड्स ने कहा, 'क्रिकेट के तीन अलग-अलग प्रारूपों का दुनियाभर की फ्रेंचाइजी क्रिकेट से मुकाबला होने पर खिलाड़ी विकल्प चुनना शुरू करेंगे और इसका एक परिणाम यह हो सकता है कि वे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत थोड़ा पहले कर दें।'

