शाहीन अफरीदी का आरोप: भारत ने खेल भावना तोड़ी, वर्ल्ड कप से पहले बढ़ा तनाव
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 01:56 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता एक बार फिर सुर्खियों में है। पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शाहीन शाह अफरीदी ने सितंबर 2025 के एशिया कप के दौरान भारत पर खेल भावना का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। लाहौर में मीडिया से बातचीत में शाहीन ने कहा कि पिछले साल हुए टूर्नामेंट में भारत-पाक मैचों के दौरान माहौल लगातार बिगड़ा रहा, जिसकी बड़ी वजह भारतीय टीम का व्यवहार था। उनके बयान ने फरवरी 2026 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप मुकाबले से पहले माहौल और गर्म कर दिया है।
शाहीन अफरीदी के बयान से मचा बवाल
लाहौर में मीडिया से बात करते हुए शाहीन अफरीदी ने सीमा पार से आई प्रतिक्रियाओं को खेल भावना के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का काम मैदान पर प्रदर्शन करना है और पाकिस्तान टीम किसी भी तरह की बयानबाज़ी के बजाय खेल से जवाब देने में यकीन रखती है। शाहीन के इस बयान को 15 फरवरी 2026 को कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान T20 वर्ल्ड कप मैच से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे मुकाबले की अहमियत और रोमांच दोनों बढ़ गए हैं।
एशिया कप के दौरान मैदान पर दिखा तनाव
एशिया कप के दौरान दोनों टीमों के बीच तनाव सिर्फ़ खेल तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से मैच के बाद हाथ मिलाने से परहेज़ किया। इस रुख की शुरुआत कप्तान सूर्यकुमार यादव से हुई और बाद में अन्य खिलाड़ियों ने भी यही रवैया अपनाया। इससे मैदान पर मौजूद दर्शकों और क्रिकेट जगत में यह संदेश गया कि दोनों टीमों के रिश्ते सामान्य नहीं हैं।
पाकिस्तानी खिलाड़ियों के जश्न पर विवाद
दूसरी ओर, कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ियों के जश्न मनाने के तरीके भी विवाद का कारण बने। हारिस रऊफ का “जेट क्रैश” जैसा इशारा और साहिबज़ादा फरहान का राइफल चलाने की नकल करना कई लोगों को उकसाने वाला लगा। इन हरकतों को दोनों देशों के बीच संवेदनशील रिश्तों के संदर्भ में अपमानजनक माना गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने कोड ऑफ कंडक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जुर्माना और चेतावनियां जारी कीं, जिससे यह साफ हुआ कि खेल भावना दोनों ओर से प्रभावित हुई।
ट्रॉफी विवाद ने बढ़ाई कड़वाहट
विवाद तब और गहरा गया जब फाइनल में भारत की जीत के बाद एशिया कप ट्रॉफी को लेकर असहज स्थिति बनी। भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। समारोह छोटा कर दिया गया और ट्रॉफी सौंपे बिना ही कार्यक्रम समाप्त हो गया। यह घटना टूर्नामेंट के दौरान बने तनावपूर्ण माहौल का प्रतीक बन गई।
जेसन होल्डर की सलाह: क्रिकेट से आए बदलाव
वेस्टइंडीज़ के पूर्व कप्तान जेसन होल्डर ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान जैसी बड़ी क्रिकेट ताकतों के बीच टकराव क्रिकेट से बाहर नहीं जाना चाहिए। होल्डर के मुताबिक, अगर रिश्तों में सुधार आना है तो उसकी शुरुआत मैदान से ही हो सकती है।
द्विपक्षीय क्रिकेट की कमी
भारत और पाकिस्तान ने 2012-13 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज़ नहीं खेली है। मल्टीनेशनल टूर्नामेंटों में होने वाली उनकी भिड़ंत भी अक्सर विवादों में घिरी रहती है। शाहीन अफरीदी के ताज़ा बयान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह प्रतिद्वंद्विता सिर्फ़ क्रिकेट नहीं, बल्कि भावनाओं और राजनीति से भी गहराई से जुड़ी हुई है।

