T20 World Cup : सुपर 8 में दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद भारतीय टीम चयन पर उठे सवाल
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 12:55 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से मिली 76 रन की करारी हार के बाद भारतीय टीम की रणनीति और प्लेइंग XI को लेकर बहस तेज हो गई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर खुलकर सवाल उठाए हैं। खासतौर पर उन्होंने उपकप्तान अक्षर पटेल को प्लेइंग XI से बाहर रखने को लेकर तीखी टिप्पणी की और चयन नीति की स्पष्टता पर सवाल खड़े किए।
अक्षर पटेल को बाहर रखने पर सवाल
चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि यदि अक्षर टीम के वाइस-कैप्टन हैं, तो उनका प्लेइंग XI में होना स्वाभाविक है।उन्होंने कहा, 'अगर वह आपकी टीम के उपकप्तान हैं, तो फिर वह मैदान पर क्यों नहीं हैं? अगर उनकी जगह पक्की नहीं थी, तो उन्हें वाइस-कैप्टन बनाने की जरूरत क्या थी?' भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में अक्षर की जगह वाशिंगटन सुंदर को मौका दिया, जिससे टीम संतुलन पर सवाल खड़े हो गए।
76 रन की बड़ी हार
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रन से हराया। यह हार कई मायनों में ऐतिहासिक रही। टी20 इंटरनेशनल में 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रन की हार के बाद रनों के लिहाज से यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार है। वहीं टी20 विश्व कप के इतिहास में यह भारत की सबसे बड़ी हार में से एक है। दक्षिण अफ्रीका ने भारत के 12 मैचों के जीत या अजेय क्रम को भी तोड़ दिया।
मैच-अप थ्योरी पर बहस
चोपड़ा का मानना है कि नीदरलैंड्स के खिलाफ वाशिंगटन सुंदर को खिलाना समझ में आता था, क्योंकि वह लंबे समय से नहीं खेले थे। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अक्षर को बाहर बैठाने का कारण “नेगेटिव मैच-अप” बताया गया। दक्षिण अफ्रीकी टीम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज़ होने के कारण यह रणनीति अपनाई गई। हालांकि चोपड़ा ने तर्क दिया कि भारत के बल्लेबाजी क्रम में खुद छह बाएं हाथ के बल्लेबाज़ थे, फिर भी दक्षिण अफ्रीका ने अपने प्रमुख बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज को टीम से बाहर नहीं किया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने अपने मुख्य गेंदबाज को बाहर नहीं बैठाया क्योंकि वह टीम के लिए अहम हैं। लेकिन आपने अपने वाइस-कैप्टन को ही बाहर कर दिया।'
रणनीति पर उठे बड़े सवाल
चोपड़ा ने यह भी कहा कि दक्षिण अफ्रीका के टॉप ऑर्डर में मौजूद बाएं हाथ के बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए, जिससे मैच-अप की रणनीति का तर्क कमजोर पड़ गया। उनका मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में स्थिरता और भरोसा बेहद जरूरी होता है। यदि टीम प्रबंधन उप-कप्तान को ही नियमित स्थान नहीं दे पा रहा तो इससे टीम के भीतर संदेश क्या जाएगा, यह भी विचारणीय है।

