IND vs ENG: फाइनल की राह आसान नहीं, सेमीफाइनल से पहले कोच गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव के सामने आई बड़ी चुनौती

punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 01:53 PM (IST)

नेशनल डेस्कः आज टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। इस मुकाबले का विजेता सीधे 8 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल खेलेगा। भारतीय टीम ने तो सुपर-8 के सफर के बाद सेमीफाइनल का टिकट जरूर हासिल किया है, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ यह मुकाबला केवल एक मैच नहीं, बल्कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और पूर्व खिलाड़ी गौतम गंभीर के लिए भी रणनीतिक चुनौती बन चुका है। टीम इंडिया का सुपर-8 का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। घरेलू परिस्थितियों में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में उम्मीद थी कि बल्लेबाजी चैंपियन जैसी होगी, लेकिन अब तक प्रदर्शन में निरंतरता नहीं दिखी।

बल्लेबाजी में रही कमजोरी

टूर्नामेंट की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ मैच से ही चुनौतीपूर्ण रही। टीम 77 रन तक अपने छह प्रमुख विकेट गंवा चुकी थी, तब कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 84 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर टीम को संकट से उबारा। इसके बाद नामीबिया के खिलाफ ईशान किशन और हार्दिक पांड्या ने योगदान दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाज अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन ने 77 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से मदद नहीं मिली। नीदरलैंड के खिलाफ शिवम दुबे ने 66 रन की पारी खेली, फिर भी टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह संतुलित नहीं रही। सुपर-8 में छोटी टीमों के खिलाफ भी सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे।

सुपर-8 में मिली चुनौती

सुपर-8 की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ संघर्षपूर्ण रही, जहां टीम केवल 111 रन पर सिमट गई। जिम्बाब्वे के खिलाफ टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन की 97 रनों की तूफानी पारी ने जीत दिलाई। बावजूद इसके, टीम की बल्लेबाजी में अस्थिरता बनी रही। इस टूर्नामेंट में अभिषेक शर्मा से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन छह मैचों में वह केवल 80 रन ही जोड़ सके और तीन बार शून्य पर आउट हुए। सूर्यकुमार यादव का स्ट्राइक रेट भी 135 के आसपास रहा, जो उनकी आक्रामक शैली के हिसाब से थोड़ा कम रहा। हार्दिक पांड्या भी बड़े मौकों पर प्रभाव नहीं छोड़ पाए। ऐसे में निरंतर योगदान देने वाले बल्लेबाज ईशान किशन ही रहे।

जो जीतेगा, वह फाइनल का रास्ता बनाएगा

अब इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में यही अस्थिरता टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता बन सकती है। गौतम गंभीर की रणनीति और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी दोनों की असली परीक्षा सामने होगी। सुपर-8 में संघर्ष के बाद अब टीम को एकजुट होकर चैंपियन जैसी क्रिकेट दिखानी होगी। सेमीफाइनल का समीकरण साफ है – जो जीतेगा, वह फाइनल का रास्ता बनाएगा; जो हारेगा, उसका टूर्नामेंट यहीं समाप्त हो जाएगा। इसलिए भारतीय बल्लेबाजों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। यह मुकाबला सिर्फ इंग्लैंड से नहीं, बल्कि अपनी कमियों से भी है, और यही टीम इंडिया की चैंपियन बनने की राह पर असली कसौटी साबित होगा।


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Content Editor

Sahil Kumar

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